छत्तीसगढ़ में 197 करोड़ रूपए के 110 एनीकटों का निर्माण पूर्ण
इस वर्ष एनीकटों के लिए 860 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान
राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में नदी-नालों पर एनीकटों के निर्माण की एक विशेष कार्य योजना तैयार की गयी है। इस कार्य योजना के तहत बारिश के पानी को रोक कर उसका उपयोग सार्वजनिक पेयजल, निस्तारी और सिंचाई सुविधा तथा पशुआें के लिए पानी की व्यवस्था सहित भू-जल संवर्धन और औद्योगिक प्रयोजनों से एनीकट बनवाए जा रहे हैं। कार्य योजना के तहत पिछले छह वर्षों में 197 करोड़ रूपए की लागत से 110 एनीकटों-स्टापडेमों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। चालू वित्त्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में विभिन्न एनीकटों के निर्माण के लिए 860 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
जल संसाधन मंत्री श्री हेमचंद यादव ने आज यहां बताया कि प्रदेश का बड़ा भू-भाग वनाच्छादित होने तथा बड़ी सिंचाई योजनाओं में भू-अर्जन, विस्थापन तथा पूर्नवास जैसी आर्थिक एवं सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होने से जहां बड़े बांध बनाना संभव नहीं है, ऐसे स्थलों पर तकनीकी साध्यता और पानी की उपलब्धता के आधार पर एनीकटों/स्टापडेमों की श्रृंखला निर्मित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गयी है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिषा निर्देषों के अनुरूप वर्ष 2005 से 2012 तक सात वर्ष की एक विशेष कार्य योजना तैयार की गयी है। इस विशेष कार्य योजना में दो हजार 137 करोड़ रूपए की लागत के 595 एनीकटों के निर्माण प्रस्तावों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 197 करोड़ रूपये की लागत से 110 एनीकटों का निर्माण किया जा चुका है, जबकि 690 करोड़ रूपये की लागत के 115 एनीकट निर्माणधीन हैं। निर्मित एनीकटों में दुर्ग जिले में चौबीस, राजनांदगांव जिले में तेरह, कबीरधाम जिले में आठ, रायपुर और महासमुंद जिले में सात-सात, सरगुजा और कोरिया जिले में छह-छह बिलासपुर जिले में पांच, जांजगीर-चांपा, कोरबा एवं रायगढ़ जिले में तीन-तीन, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में दो और धमतरी जिले का एक एनीकट भी शामिल हैं।

