रोगदा जलाशय के संबंध में वस्तु स्थिति
रायपुर 20 जनवरी 2011
राज्य शासन ने जांजगीर-चांपा जिले में रोगदा जलाशय मामले में वस्तु स्थिति स्पष्ट की है। जल संसाधन विभाग द्वारा इस संबंध में दी गई जानकारी इस प्रकार है :-
जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम रोगदा के पास स्थानीय नाले पर 52.85 हेक्टेयर में 0.72 लाख रूपए की लागत से वर्ष 1962 में रोगदा लघु सिंचाई योजना का निर्माण किया गया था।
रोगदा जलाशय का सम्पूर्ण सैंच्य क्षेत्र मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना की अकलतरा शाखा नहर के सैंच्य क्षेत्र के अन्तर्गत वर्ष 1989-90 से आ जाने के कारण रोगदा जलाशय सिंचाई हेतु उपयोगी नहीं रहा, क्योंकि सैंच्य क्षेत्र के कृषक अकलतरा शाखा नहर बन जाने के बाद से, सिंचाई हेतु अनुबंध पश्चात अकलतरा शाखा नहर के माध्यम से ही सिंचाई करते हैं। इस प्रकार 20 वर्षो से सिंचाई कार्य बंद रहने के कारण जल संसाधन विभाग को उक्त भूमि की आवश्यकता नही रही।
वास्तव में उपरोक्त बांध को बेचा नहीं गया है, बल्कि तत्कालीन कलेक्टर (भू बंटन शाखा) जांजगीर-चाम्पा द्वारा वर्ष 2008 में उक्त भूमि उद्योग विभाग को निर्धारित शर्तों के अनुसार अंतरित करने के बाद उद्योग विभाग को लीज पर दी गयी है। के.एस.के. एनर्जी एवं वर्धा पावर कम्पनी लिमिटेड हैदराबाद द्वारा थर्मल पावर प्लांट स्थापना के लिए उक्त भूमि 52.85 हेक्टेयर (130.54 एकड़) भूमि के हस्तांतरण का अनुरोध किया गया था। संबंधित संस्थान द्वारा सी.एस.आई.डी.सी. को लीज राशि जमा करने के बाद लीज डीड हस्ताक्षरित की गयी है। उक्त लीज निर्धारित शर्तों के साथ हस्ताक्षरित की गयी।

