छत्तीसगढ़ में खरखरा और तांदुला नदी पर 13.10 करोड़ रूपए की लागत से पांच एनीकटों का निर्माण पूर्ण
रायपुर 18 फरवरी 2011
राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले में खरखरा और तांदुला नदी पर विगत पांच वर्ष में लगभग 13 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से पांच एनीकटों का निर्माण्ा किया गया है। इनमें खरखरा नदी पर संजारी, गंधरी कसही एवं भरदा टटेंगा एनीकट और तांदुला नदी पर तांदुला एनीकट और देवरी तिलखैरी एनीकट शामिल हैं। इन एनीकटों के निर्माण से आस-पास के गावों को आवागमन, निस्तार और सिंचाई सुविधा मिलने के साथ ही उन क्षेत्रों के तालाबों, कुंओं और टयूबवेलों के जल स्तर में वृध्दि हुई है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि दुर्ग जिले में डौडीलोहारा विकासखण्ड में खरखरा नदी पर लगभग तीन करोड़ दस लाख रूपए की लागत से संजारी एनीकट, दो करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से गंधरी कसही एनीकट और लगभग दो करोड़ 22 लाख रूपए की लागत से भरदा टटेंगा एनीकट का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि तांदुला नदी पर बालोद विकासखण्ड में तीन करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से तांदुला एनीकट और गुण्डरदेही विकासखण्ड में लगभग दो करोड़ 26 लाख रूपए की लागत से देवरी तिलखैरी एनीकट का निर्माण किया गया है। एनीकटों का निर्माण नदी किनारे स्थित गांवों के लिए आवागमन, निस्तार और आस-पास के क्षेत्रों में लिफ्ट से सिंचाई तथा भू-जल की रिचार्जिंग के उद्देश्य से किया गया है। इन एनीकटों से मुख्य रूप से दुर्ग जिले के संजारी, गंजईडीह, गंधरी, कसही, औंरी, टटेंगा, भरदा, बालोद, हीरापुर, देवरी, तिलखैरी और सलौनी गांवों को आवागमन, निस्तार और सिंचाई सुविधा मिल रही है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि दुर्ग जिले में डौडीलोहारा विकासखण्ड में खरखरा नदी पर लगभग तीन करोड़ दस लाख रूपए की लागत से संजारी एनीकट, दो करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से गंधरी कसही एनीकट और लगभग दो करोड़ 22 लाख रूपए की लागत से भरदा टटेंगा एनीकट का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि तांदुला नदी पर बालोद विकासखण्ड में तीन करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से तांदुला एनीकट और गुण्डरदेही विकासखण्ड में लगभग दो करोड़ 26 लाख रूपए की लागत से देवरी तिलखैरी एनीकट का निर्माण किया गया है। एनीकटों का निर्माण नदी किनारे स्थित गांवों के लिए आवागमन, निस्तार और आस-पास के क्षेत्रों में लिफ्ट से सिंचाई तथा भू-जल की रिचार्जिंग के उद्देश्य से किया गया है। इन एनीकटों से मुख्य रूप से दुर्ग जिले के संजारी, गंजईडीह, गंधरी, कसही, औंरी, टटेंगा, भरदा, बालोद, हीरापुर, देवरी, तिलखैरी और सलौनी गांवों को आवागमन, निस्तार और सिंचाई सुविधा मिल रही है।
क्रमांक-6289/काशी

