छत्तीसगढ़ में आयाकट विकास कार्यों के लिए मिली 82.85 करोड़ रूपए की केन्द्रीय सहायता
रायपुर 29 मार्च 2011
आयाकट विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार को भारत सरकार से 82 करोड़ 85 लाख रूपए की लंबित केन्द्रीय सहायता राशि मिल गई है। जल संसाधन मंत्री श्री हेमचंद यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित विकास कार्यों में इस राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश के कृषि उत्पादन में और अधिक वृध्दि हो सके।
जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन.के. असवाल ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में आयाकट विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा लंबित राशि को मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2007-08 से 2009-10 तक लंबित केन्द्रांश राशि 65 करोड़ 86 लाख रूपए के साथ ही वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए लगभग 17 करोड़ की अनुदान राशि भी केन्द्र द्वारा अग्रिम के रूप में जारी कर दिया गया है। श्री असवाल ने बताया कि प्रदेश में आयाकट विभाग के अन्तर्गत दो प्राधिकरण क्रमश: महानदी आयाकट विकास प्राधिकरण रायपुर और हसदेव आयाकट विकास प्राधिकरण बिलासपुर कार्यरत हैं। आयाकट विकास का मुख्य उद्देश्य सिंचाई परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र के अन्तर्गत सिंचित क्षेत्र में सिंचाई के लिए उपलब्ध जल का समुचित उपयोग कर कृषि उत्पादन में वृध्दि करना है।
श्री असवाल ने बताया कि कमाण्ड क्षेत्र तीन प्रमुख केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं क्रमश: फील्ड चैनल का निर्माण, सहभागिता सिंचाई प्रबंधन (पी.आई.एम.) के अन्तर्गत किसानों की समिति को अनुदान और किसानों का भ्रमण/प्रशिक्षण्ा के माध्यम से संपादित किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि महानदी आयाकट विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत वर्तमान में पांच सिंचाई परियोजनाओं- महानदी, पैरी, कोडार, जोंक एवं तांदुला में और हसदेव आयाकट विकास प्राधिकरण् के अन्तर्गत हसदेव के द्वितीय चरण में आयाकट विकास के कार्य संचालित हैं। इन योजनाओं के लिए केन्द्र शासन से लगभग पचास प्रतिशत सहायता राशि प्राप्त होती है। उन्हाेंने बताया कि आयाकट विभाग द्वारा निर्धारित आठ लाख छह हजार 774 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरूध्द अब तक पांच लाख दो हजार 279 हेक्टेयर में फील्ड चैनल का निर्माण किया जा चुका है।

