सिंचाई नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए किसानों को मिलेगा अनुदान : कृषि मंत्री
भू-जल संरक्षण महाअभियान के लिए श्री चंद्रशेखर साहू की अध्यक्षता में हुई दो महत्वपूर्ण बैठकें
रायपुर 14 मई 2010

कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने कहा है कि सिंचाई नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए राज्य शासन द्वारा रिचार्जिंग की लागत के 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम पांच हजार रूपए के मान से अनुदान का प्रावधान किया गया है। कृषि मंत्री ने आज यहां नवीन विश्राम भवन में अपने प्रभार जिलों महासमुंद और धमतरी के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठकों में यह जानकारी दी। श्री साहू ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के बीच इस अनुदान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर दोपहर और शाम अलग-अलग बैठकों में दोनों जिलों में अक्षय तृतीया के दिन आगामी 16 मई से शुरू हो रहे भू-जल संरक्षण महा अभियान के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।
श्री चंद्रशेखर साहू ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में यह प्रदेशव्यापी महाअभियान व्यापक जनभागीदारी से चलाया जाएगा। हम सबको अपने-अपने जिले में इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोगों को जोड़कर श्रमदान से तालाब गहरीकरण, नए तालाब निर्माण, कुओं की साफ-सफाई और रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। यह अभियान प्रत्येक गांव और शहर में चलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे आम जनता के अभियान के रूप में संचालित करने के लिए व्यापक जनभागीदारी का आव्हान किया है।
कृषि मंत्री श्री साहू ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत दोनों जिलों में मंजूर किए गए नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण सहित जल संवर्धन के नए कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। श्री साहू ने दोपहर महासमुंद जिले की और शाम को धमतरी जिले की बैठक ली। इन अलग-अलग बैठकों में जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया, खल्लारी विधायक श्री परेश बागबाहरा, धमतरी विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा, सिहावा की पूर्व विधायक श्रीमती पिंकी धु्रव, महासमुंद जिले प्रभारी सचिव श्री आर.एस.विश्वकर्मा और धमतरी जिले के प्रभारी सचिव श्री विकास शील सहित कलेक्टर धमतरी श्रीमती संगीता पी., और महासमुंद जिले के प्रभारी कलेक्टर श्री श्याम धावड़े तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
श्री साहू ने दोनों बैठकों में कहा कि जल संरक्षण अभियान के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। अक्षय तृतीया के दिन से शुरू हो रहे महीने भर के इस अभियान में कृषि मंत्री श्री साहू स्वयं 16 मई को नयी राजधानी क्षेत्र के ग्राम खड़वा और धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड के ग्राम कचना तथा 19 मई को महासमुंद जिले में श्रमदान करेंगे। उन्होंने स्थानीय जनता के साथ-साथ ट्रेक्टर, जे.सी.बी मशीन, डोजर मशीन, पोकलेण्ड मशीन आदि भारी वाहन मालिकों से भी जल संरक्षण संबंधी कार्यो में सहयोग की अपील की है।
कृषि मंत्री ने बैठकों में कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में औसतन पांच-छह तालाब होते हैं। इन तालाबों को आपस में जोड़ने का कार्य भी इस दौरान किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के लिए किसानों के खेतों पर छोटी-छोटी डबरी भी बनाया जा सकता है। उन्होंने नदी जल संग्रहण के लिए ज्यादा से ज्यादा चैकडेम बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री साहू ने नगरीय क्षेत्रों में दूषित जल के पुन: उपयोग के उपायों पर भी बल दिया। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों के खेतों में लगे सिंचाई नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। इसके लिए जरूरी संरचना निर्माण के लिए प्रति इकाई लगभग दस हजार रुपए की लागत आती है जिसमें सभी श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत अथवा पांच हजार रुपए तक अनुदान दिया जाता है।
खल्लारी विधायक श्री परेश बागबाहरा ने बैठक में कहा कि शासकीय योजनाओं के तहत मिले धनराशि का अधिकाधिक हिस्सा जल संरक्षण संबंधी कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए। यदि गांव का कोई किसान अपनी निजी भूमि में भी डबरी अथवा तालाब बनाने को इच्छुक है, तो शासन की ओर से उसे शत-प्रतिशत अनुदान मिलना चाहिए। धमतरी विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा ने पानी बचाने के लिए संचालित राज्य सरकार के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह को बधाई दी। जिला पंचायत महासमुद की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया ने इस अवसर पर कहा कि पानी के महत्व के संबंध में जन जागरूकता फैलाने के लिए महिला स्व सहायता समूह और युवाओं की सेवाएं भी लिया जाना चाहिए। वित्त विभाग के सचिव और महासमुंद जिले के प्रभारी श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने कहा कि नए तालाब निर्माण के लिए यदि शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है, तो उचित मुआवजा देकर निजी भूमि भी अधिग्रहित की जा सकती है। धमतरी जिले के प्रभारी सचिव श्री विकास शील ने जल बचाने के विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों की जानकारी दी। धमतरी नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. एन.पी. गुप्ता ने भी पानी बचाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
श्री चंद्रशेखर साहू ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में यह प्रदेशव्यापी महाअभियान व्यापक जनभागीदारी से चलाया जाएगा। हम सबको अपने-अपने जिले में इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोगों को जोड़कर श्रमदान से तालाब गहरीकरण, नए तालाब निर्माण, कुओं की साफ-सफाई और रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। यह अभियान प्रत्येक गांव और शहर में चलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे आम जनता के अभियान के रूप में संचालित करने के लिए व्यापक जनभागीदारी का आव्हान किया है।

श्री साहू ने दोनों बैठकों में कहा कि जल संरक्षण अभियान के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। अक्षय तृतीया के दिन से शुरू हो रहे महीने भर के इस अभियान में कृषि मंत्री श्री साहू स्वयं 16 मई को नयी राजधानी क्षेत्र के ग्राम खड़वा और धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड के ग्राम कचना तथा 19 मई को महासमुंद जिले में श्रमदान करेंगे। उन्होंने स्थानीय जनता के साथ-साथ ट्रेक्टर, जे.सी.बी मशीन, डोजर मशीन, पोकलेण्ड मशीन आदि भारी वाहन मालिकों से भी जल संरक्षण संबंधी कार्यो में सहयोग की अपील की है।
कृषि मंत्री ने बैठकों में कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में औसतन पांच-छह तालाब होते हैं। इन तालाबों को आपस में जोड़ने का कार्य भी इस दौरान किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के लिए किसानों के खेतों पर छोटी-छोटी डबरी भी बनाया जा सकता है। उन्होंने नदी जल संग्रहण के लिए ज्यादा से ज्यादा चैकडेम बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री साहू ने नगरीय क्षेत्रों में दूषित जल के पुन: उपयोग के उपायों पर भी बल दिया। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों के खेतों में लगे सिंचाई नलकूपों की रिचार्जिंग के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। इसके लिए जरूरी संरचना निर्माण के लिए प्रति इकाई लगभग दस हजार रुपए की लागत आती है जिसमें सभी श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत अथवा पांच हजार रुपए तक अनुदान दिया जाता है।
खल्लारी विधायक श्री परेश बागबाहरा ने बैठक में कहा कि शासकीय योजनाओं के तहत मिले धनराशि का अधिकाधिक हिस्सा जल संरक्षण संबंधी कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए। यदि गांव का कोई किसान अपनी निजी भूमि में भी डबरी अथवा तालाब बनाने को इच्छुक है, तो शासन की ओर से उसे शत-प्रतिशत अनुदान मिलना चाहिए। धमतरी विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा ने पानी बचाने के लिए संचालित राज्य सरकार के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह को बधाई दी। जिला पंचायत महासमुद की अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया ने इस अवसर पर कहा कि पानी के महत्व के संबंध में जन जागरूकता फैलाने के लिए महिला स्व सहायता समूह और युवाओं की सेवाएं भी लिया जाना चाहिए। वित्त विभाग के सचिव और महासमुंद जिले के प्रभारी श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने कहा कि नए तालाब निर्माण के लिए यदि शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है, तो उचित मुआवजा देकर निजी भूमि भी अधिग्रहित की जा सकती है। धमतरी जिले के प्रभारी सचिव श्री विकास शील ने जल बचाने के विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों की जानकारी दी। धमतरी नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. एन.पी. गुप्ता ने भी पानी बचाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
क्रमांक-805/पटेल

