सूखा नाला बैराज से मिलेगी 31 गांवों को सिंचाई सुविधा
16 हजार एकड़ में होगी सिंचाई
रायपुर 18 मई 2010
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में विकासखण्ड डोंगरगांव स्थित ग्राम बम्हनीभांटा में 46 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सूखा नाला बैराज से 31 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस बैराज से क्षेत्र के किसानों के 16 हजार एकड़ भूमि में खरीफ और रबी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
सूखा नाला बैराज की लम्बाई 100 मीटर तथा ऊंचाई 14.5 मीटर है। इस बैराज का कैचमेंट एरिया 427.35 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 12.29 मिलियन घनमीटर जल संग्रहित होगा। मुख्य बैराज में 12.5 मीटर चौड़ाई तथा 3.6 मीटर ऊंचाई के 7 गेट लगाए गए हैं। बैराज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस बैराज से खरीफ में 12750 एकड़ में तथा रबी में 3250 एकड़ में जल आपूर्ति की जा सकेगी। बैराज से 23.76 किलोमीटर लम्बी मुख्य नहर का निर्माण कराया जा रहा है। इस नहर से 31 गांवों में खेतों को पानी पहुंचाया जा सकेगा। बैराज के पूर्ण होने पर क्षेत्र के ग्रामों गनेरी, मनेरी, जामसरारकला, गुंगेरीकला, नवागांव, बरगांव, साल्हे-घुघुवा, बगदई, कोनारी, आरी, बीजाभाट, सालिक झिटिया, अमलीडीह, सांकरीपार, बरसनटोला, दीवानभेड़ी, झीका, सुखरी, गोड़री, दीवान झिटिया, अर्जुनी, मेढ़ा, सिंगारपुर, पैरी, धौंराभाठा, केसला, मचानपुर, खैरी, तुमड़ीबोड़, कोपेडीह तथा अलीखूंटा गांव में हरित क्रांति का विस्तार होगा।
सूखा नाला बैराज की लम्बाई 100 मीटर तथा ऊंचाई 14.5 मीटर है। इस बैराज का कैचमेंट एरिया 427.35 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 12.29 मिलियन घनमीटर जल संग्रहित होगा। मुख्य बैराज में 12.5 मीटर चौड़ाई तथा 3.6 मीटर ऊंचाई के 7 गेट लगाए गए हैं। बैराज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस बैराज से खरीफ में 12750 एकड़ में तथा रबी में 3250 एकड़ में जल आपूर्ति की जा सकेगी। बैराज से 23.76 किलोमीटर लम्बी मुख्य नहर का निर्माण कराया जा रहा है। इस नहर से 31 गांवों में खेतों को पानी पहुंचाया जा सकेगा। बैराज के पूर्ण होने पर क्षेत्र के ग्रामों गनेरी, मनेरी, जामसरारकला, गुंगेरीकला, नवागांव, बरगांव, साल्हे-घुघुवा, बगदई, कोनारी, आरी, बीजाभाट, सालिक झिटिया, अमलीडीह, सांकरीपार, बरसनटोला, दीवानभेड़ी, झीका, सुखरी, गोड़री, दीवान झिटिया, अर्जुनी, मेढ़ा, सिंगारपुर, पैरी, धौंराभाठा, केसला, मचानपुर, खैरी, तुमड़ीबोड़, कोपेडीह तथा अलीखूंटा गांव में हरित क्रांति का विस्तार होगा।
क्रमांक- 847/परिहार

